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आकाशवाणी से ‘रमन के गोठ‘ की चौथी कड़ी : मुख्यमंत्री ने कहा - ’मैं छत्तीसगढ़ का प्रथम जनसेवक’ : सूखा पीड़ित किसानों की मदद के लिए सरकार वचनबद्ध : डॉ. रमन सिंह
 Posted on 13/12/2015
 

राज्य के दस लाख श्रमिक प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में पंजीकृत
जैविक खेती करने वाले दंतेवाड़ा के किसानों की तारीफ
सड़क निर्माण के लिए भूमि दान करने वाले आदिवासी किसान की भी प्रशंसा

रायपुर, 13 दिसम्बर, 2015

 

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज प्रदेश के जनता के लिए आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘‘रमन के गोठ‘‘ की चौथी कड़ी में जहॉ सूखा पीड़ित किसानों की मदद के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता प्रकट की, वहीं उन्होनें नक्सल हिंसा पीड़ित दंतेवाड़ा जिले के 128 गांवों मे एक हजार से भी ज्यादा किसानों द्वारा की जा रही जैविक खेती के लिए इन किसानों की विशेष रूप से तारीफ की। मुख्यमंत्री ने तीर्थ यात्रा योजना के संदर्भ में प्रदेश के बुजुर्गों से कहा - मैं स्वयं को ’छत्तीसगढ़ का प्रथम जनसेवक’ मानता हूं। इस नाते मैं भी आपके बेटे की तरह हूं। आपने आशीर्वाद दिया है इसके लिए मैं नतमस्तक हूं।  
डॉ. सिंह ने किसानों के लिए मिट्टी अच्छी सेहत की जरूरत पर बल दिया और उन्हें यह भी बताया कि मिट्टी के नमूनों की जांच के लिए राज्य में आठ नई प्रयोगशालाएं खोलने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने प्रदेश की सात विशेष पिछड़ी जनजातियों के लगभग एक लाख 94 हजार सदस्यों की सामाजिक-आर्थिक बेहतरी के लिए 11 सूत्रीय समयबद्ध विशेष अभियान चलाने की भी घोषणा की। शहरों से लेकर गांवों तक आज भी जगह-जगह लोगों ने बड़ी दिलचस्पी के साथ सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता को सुनकर अपनी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया व्यक्त की। डॉ. सिंह ने अपने रेडियो प्रसारण में प्रदेश के एक और नक्सल पीड़ित नारायणपुर जिले के ग्राम मुंडापाल निवासी आदिवासी किसान श्री मंगलसाय द्वारा ग्रामीणों की सुविधा के लिए सड़क निर्माण के लिए स्वेच्छा से अपनी कृषि भूमि सरकार को दान किये जाने के प्रसंग का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने श्री मंगलसाय की इस उदारता और दानशीलता को प्रेरक पहल बताते हुए कहा कि, उनके जैसे किसान भाई की उदारता की जितनी भी तारीफ की जाये, वह कम है। डॉ रमन सिंह ने रेडियो कार्यक्रम में चर्चा की शुरूआत करते हुए, विश्व मृदा दिवस और खेती किसानी की बातो का जिक्र किया। किसानों को संदेश देते हुए सूखे की प्राकृतिक विपदा के संदर्भ में कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूॅ और आपकी पीड़ा को समझता हूॅ। किसानों की पीड़ा को कम करने के लिए राज्य सरकार ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किये है कि आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों के तहत किसानों को राहत राशि का वितरण तत्काल प्रारंभ किया जाए। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत अब तक लगभग  दस लाख श्रमिक पंजीकृत होकर शामिल हो चुके हैं।

मिट्टी से किसानों का सीधा संबंध

डॉ. सिंह ने अपने आज के प्रसारण में विश्व मृदा दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूरे देश में ‘‘मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड योजना‘‘ लागू की गई हैं। प्रधानमंत्री जी ने ‘स्वस्थ धरा, खेत हरा‘ का भी नारा दिया है। इसमें दो राय नहीं कि मिट्टी से जितना सीधा संबंध किसानों का होता है, उतना किसी और का नहीं हो सकता। आवास, भोजन, ऊर्जा संरक्षण जैसे तमाम विषय मिट्टी के साथ जुड़े हैं। डॉ रमन सिंह ने कहा कि ‘मिट्टी स्वास्थ्य योजना‘ के तहत असिंचित क्षेत्रों में  प्रति दस हेक्टेयर पर एक सिंचित भूमि में प्रति हेक्टेयर एक नमूना मिट्टी का लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल में राज्य में मिट्टी के आठ लाख 78 हजार नमूने लिये जाएंगे । प्रयोगशालाओं में इन नमूनो का परीक्षण कर किसानों को बताया जाएगा कि उनके खेतो की मिट्टी उर्वरा क्षमता कैसी है, और जमीन को किस तरह की खाद की जरूरत है।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए
समयबद्ध विशेष अभियान 

उन्होंने ‘रमन के गोठ‘ में प्रदेश की विशेष पिछड़ी सात विशेष पिछड़ी जनजातियों के समयबद्ध 11 सूत्रीय विशेष अभियान शुरू करने की भी जानकारी दी। उन्होनें कहा कि इस कार्यक्रम के तहत हमारे राज्य में अभी भी बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, अबूझमाड़िया, पण्डो और भुंजिया ऐसी विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं, जिनकी कुल जनसंख्या राज्य में एक लाख 94 हजार से अधिक है। राज्य सरकार ने इनके  विकास के लिए ‘‘विशेष समयबद्ध अभियान‘‘ चलाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत उन्हें अन्य लोगों की तरह जीवन की सभी मूलभूत सुविधाएं 03 वर्ष के भीतर उपलब्ध हो सकेगी। इन जनजातियों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 300 नये फुलवारी केंद्रों की स्थापना भी की जाएगी। ये जनजातियां अभी भी अपनी आजीविका के लिए वनोपज संग्रह, पारम्परिक कृषि, कन्दमूल और जड़ी-बूटी जैसे साधनांे पर निर्भर हैं।
 डॉ. सिंह ने कहा कि  इस 11 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत समस्त आवासहीन परिवारों के लिए आवास की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, सभी बसाहटों का विद्युतीकरण, सभी का स्वास्थ्य परीक्षण एवं हेल्थ कार्ड प्रदाय, परिवार के न्यूनतम एक सदस्य को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जायेगा ताकि वे हुनरमंद होकर अपनी आजीविका चला सकें। साथ ही सभी परिवारों को सामाजिक एवं खाद्य सुरक्षा का कवरेज तथा राशन कार्ड और पोषण आहार प्रदाय, वन अधिकार पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र एवं निवास प्रमाण पत्रों का वितरण, ताकि इनके लिए उन्हें भटकना ना पड़े और उन्हें बाहरी दुनिया से जोड़ने व जागरूकता लाने के उद्देश्य से सूचना के सबसे सुलभ माध्यम के रूप में एक रेडियो और धूप और बरसात से ठंड से बचने के लिए छाता एवं कंबल निशुल्क प्रदान करना शामिल है।

दस लाख श्रमिकों का पंजीयन

डॉ. रमन सिंह ने श्रमिक कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना‘ और ‘अटल पंेशन योजना‘ की भी जानकारी दी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना‘ के तहत  छत्तीसगढ़ में पंजीकृत दस लाख निर्माण श्रमिकों को बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा। इस योजना में 18 वर्ष से 50 वर्ष आयु समूह के प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को मात्र 330 रू. वार्षिक प्रीमियम पर बीमा सुरक्षा मिलेगी। उनकी सामान्य मृत्यु की दशा में दो लाख रूपये उनके आश्रितों का मिलेंगे। इस योजना की आधी प्रीमियम राशि श्रम विभाग द्वारा और शेष 165 रूपये निर्माण श्रमिक द्वारा दिए जाएंगे।

ढाई करोड़ जनता के प्रति पूर्ण समर्पित होकर करूंगा न्याय

मुख्यमंत्री ने ‘रमन के गोठ‘ में अपनी सरकार के तीसरेे कार्यकाल की  दो साल की अवधि कल 12 दिसम्बर को पूर्ण होने की चर्चा करते हुए कहा कि आप सब ने जो जनादेश दिया है, उसमे तीन वर्ष का समय और शेष है मै आपको आश्वस्त करना चाहता हूॅ कि आपकी भावनाओं के अनुरूप हर क्षण आपकी सेवा में तत्पर रहूंगा, ताकि प्रदेश की ढाई करोड़ जनता के इस जनादेश के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित रहकर न्याय कर सकूं। उन्होंने ‘रमन के गोठ‘ को लेकर श्रोताओं के उत्साहवर्धक प्रतिसाद का जिक्र करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा- आपने मेरी बातों को आपने ध्यान से सुना है, और इतना ही नहीं,  बल्कि प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए, शासन के साथ कदमताल करते हुए, विभिन्न योजनाओं और नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में बड़ी संख्या में बहुमूल्य सुझाव भी दिये है।

श्रोताओं के सुझावों की भी प्रशंसा

डॉ सिंह ने श्रोताओं द्वारा उन्हें नदियों को जोड़ने, छत्तीसगढ़ी लोक कला आयोग का गठन करने और महिला सशक्तिकरण को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से महिलाओं के लिए विशेष ग्राम सभा के आयोजन के सुझावों का भी उल्लेख किया। डॉ रमन सिंह ने कहा- मुझे इस बात की विशेष खुशी है, कि राज्य की विभिन्न जेलों में बंद कैदियों ने मुझे सुना है, तथा उन्होंने अपने आश्रितों के भरण-पोषण के लिए कोई योजना की पहल करने, तथा जेल के परिरूद्ध बंदियों के लिए परिजनों से सम्पर्क हेतु एस.टी.डी.-पी.सी.ओ. की सुविधा प्रदान करने का अनुरोध किया है। मैं यह आश्वस्त करता हूं, सभी सुझावों का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही जरूर की जाएगी।

‘मैं छत्तीसगढ़ का प्रथम जनसेवक’

उन्होने कहा- बड़ी संख्या में मेरे बुजुर्गों का यह आशीर्वाद भी प्राप्त होने का सौभाग्य इन पत्रों के माध्यम से मिला है, जिसमें उन्होंने सरकार की “मुख्यमंत्री तीर्थ योजना” के तहत विभिन्न तीर्थों की यात्रा करने पर दिया है। मै अपने बुजुर्गों से इतना  कहना चाहता हूं, कि मुख्यमंत्री होने के कारण स्वयं को ‘‘छŸाीसगढ़ का प्रथम-जनसेवक‘‘ मानता हूं और इस नाते मैं भी आपके बेटे की तरह हूं, तो बुढ़ापे में, मैं आपको तीर्थयात्रा क्यों नहीं करा सकता? आपने आशीर्वाद दिया है, जिसके लिए मैं नतमस्तक हूं।

महान विभूतियों का पुण्य स्मरण
गुरू घासीदास और गुरू गोविन्द सिंह जयंती की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा दिसम्बर का महीना ‘‘सर्व-धर्म समभाव‘‘ की हमारी विरासत को आगे और मजबूत बनाने का अवसर लेकर आता है। छत्तीसगढ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर नारायण सिंह जी का शहादत दिवस हमने 10 दिसम्बर को मनाया। डॉ सिंह ने कहा कि आगामी 18 दिसम्बर को संत गुरू बाबा घासीदास की जयंती और उसी दिन गुरू गोविंद सिंह जी की भी जयंती है। उन्होने दोनो महान विभूतियों की जयंती पर शुभकामनाएॅ दी। डॉ सिंह ‘रमन के गोठ‘ में 24 दिसम्बर को मनाये जाने वाले मुस्लिम समाज के ईद-उल-मिलाद के त्यौहार और  25 दिसम्बर को मसीही समाज के त्यौहार क्रिसमस के लिए भी रेडियो वार्ता के माध्यम से लोगो के प्रति अपनी शुभेच्छा प्रकट की।

क्रमांक- 4409 /स्वराज्य