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आकाशवाणी से ‘रमन के गोठ’ की सातवीं कड़ी : राज्य में एक अप्रैल से शुरू होगा शाला प्रवेश उत्सव : मुख्यमंत्री की अपील: हर बच्चे को स्कूल भेजें
 Posted on 13/03/2016
 

इस वर्ष 59 लाख बच्चों को मिलेंगी मुफ्त किताबों की 2.91 करोड़ प्रतियां

डॉ. रमन सिंह ने छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया

कहा: परीक्षा में कम नम्बर आने पर निराश होने की जरूरत नहीं

जेनेरिक दवा दुकान खोलने के लिए ढाई लाख रूपए की मदद

रायपुर 13 मार्च 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्कूलों में इस बार एक अप्रैल 13 अप्रैल तक प्रदेश व्यापी शाला प्रवेश उत्सव मनाने की घोषणा की है। उन्होंने आज सवेरे आकाशवाणी से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ की सातवीं कड़ी में यह ऐलान किया। उन्होंने मरीजों को सस्ती दरों पर अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाईयां उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केन्द्र (दुकान) खोलने के लिए इच्छुक संस्थाओं को ढाई लाख रूपए की सहायता देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसमें से 50 हजार रूपये कार्यशील पूंजी के रूप में होंगे। प्रदेश भर में 100 जन औषधि केन्द्र खोले जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूसरे प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ की धरती पर पिछले महीने की 21 तारीख को जन औषधि केन्द्रों की राष्ट्रीय योजना के रूप में एक और क्रांति हुई इस योजना को देश में सबसे पहले छत्तीसगढ़ ने लागू किया। मुख्यमंत्री ने अपनी रेडियो वार्ता की सातवीं कड़ी में भी आज श्रोताओं को हिन्दी और छत्तीसगढ़ी दोनों ही भाषाओं में सम्बोधित किया। उन्होंने प्रसारण की शुरूआत छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय संत कवि स्वर्गीय श्री पवन दीवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए और प्रदेशवासियों को होली तथा विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए की। जनता में आज भी मुख्यमंत्री के रेडियो प्रसारण को लेकर काफी उत्साह देखा गया। राजधानी रायपुर से प्रदेश के सुदूर गांवों तक श्रमिकों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों, किसानों और आम नागरिकों ने बड़ी दिलचस्पी से मुख्यमंत्री को सुना। 
डॉ. रमन सिंह ने आज के रेडियो प्रसारण में प्रदेशवासियों का आव्हान किया कि वे एक अप्रैल से शुरू हो रहे शाला प्रवेश उत्सव के दौरान 6 वर्ष से अधिक उम्र के स्कूल जाने लायक सभी बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करें। डॉ. सिंह ने कहा है कि नया शिक्षा सत्र इस वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित कर रही है कि इस दौरान कक्षा पहली से 10वीं तक सभी बच्चों को उनकी मुफ्त स्कूली किताबें शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले मिल जाए। इस वर्ष निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना में हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू किताबों के साथ संस्कृत भाषा की पाठ्य पुस्तकें भी वितरित की जाएंगी। लगभग 59 लाख बच्चों को इन किताबों की 2 करोड़ 91 लाख प्रतियां निःशुल्क दी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने स्कूल कॉलेजों की परीक्षाओं के नतीजों में असफल विद्यार्थियों से निराश नहीं होने की अपील करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।
उन्होंने कहा - जिनके पेपर कमजोर गए हैं। उनके मन में निराशा का भाव देखने को मिलता है, और पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के बेटे-बेटियों में आत्महत्या जैसी प्रवृत्ति देखने को मिल रही है। उन्होंने छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा- मैं आपसे इस अवसर पर इतना ही कहना चाहूंगा, पढ़ाई में यदि नम्बर कम आये हैं, एक विषय में यदि आप पीछे भी रह गये तो जीवन के सारे सफलता के दरवाजे बंद नहीं होने वाले हैं। आत्मविश्वास के साथ आप आगे बढं़े। जीवन में सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने जिन्होनें दुनिया में अपना नाम कमाया, कहीं न कहीं, कभी न कभी असफल जरूर हुए थे। असफलता हमें सफलता की नई मंजिल की ओर जाने का आत्मविश्वास देती है। आप डरे नहीं, संकोच न करे, मन में हीन भावना न लाए, आने वाली पढ़ाई की तैयारी  करंे। 
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से यह भी कहा- यदि आपको कोई शिकायत हो, कोई संदेह हो  आपके पेपर और आपके नम्बर के बारे में यदि आपको लगता है, आपके साथ बेइंसाफी हुई है, तो आप मुझसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। मेरा टेलीफोन नम्बर 0771-2331001 है। आपकी समस्याओं को मैं सुनुंगा, जितना भी आवश्यक होगा मैं निश्चित ही आपकी मदद करूंगा। उन्होेंने छात्र-छात्राओं से कहा- जीवन अनमोल है। इसे समाप्त ना करें। आगे बढे़ं ,दुनिया आपके साथ है।
मुख्यमंत्री ने ‘रमन के गोठ’ की आज की कड़ी में आगामी एक अप्रैल से शुरू हो रहे नये वित्तीय वर्ष 2016-17 के मुख्य बजट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 70 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा राशि के इस बजट में सबसे अधिक जोर ‘शिक्षा पर दिया गया है। शिक्षा के लिए इस बजट में 13 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा राशि रखी गई है। सूखा पीड़ित किसानों की मदद के लिए 2 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। लगभग 150 करोड़ रूपये उन्हें निःशुल्क धान बीज देने के लिए रखे गए हैं। स्वच्छ भारत अभियान के लिए बजट में 700 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से 400 करोड़ रूपए गांवों और 300 करोड़ रूपए शहरों में खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री अपनी सरकार की इस बजट को ‘सबके साथ सबका विकास’ की अवधारणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता के लिए नई उम्मीद जगाने वाला बताया।
डॉ. रमन सिंह ने अपनी रेडियो वार्ता की सातवीं कड़ी में जहां प्रदेशवासियों को आगामी रंग पर्व ‘होली’ की शुभकामनाएं दी, वहीं उन्होंने 22 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व जल दिवस का उल्लेख करते हुए सभी लोगों से पानी बचाने की अपील की मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी बचाने के लिए हमें पेड़ लगाने का भी संकल्प लेना होगा। उन्होंने होली के मौके पर सभी लोगों से राग-द्वेष भूलकर प्रेम और उत्साह के साथ त्यौहार मनाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने लोगों से होली के लिए हरे-भरे पेड़ नहीं काटने, केंवाच और कीचड़ तथा हानिकारक रंगों का उपयोग नहीं करने की भी अपील की। डॉ. सिंह ने अपने रेडियो प्रसारण में छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय संत कवि स्वर्गीय श्री पवन दीवान को भी याद किया, जिनका इस महीने की 02 तारीख को निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने अपने रेडियो वार्ता में स्वर्गीय श्री दीवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ अनमोल हीरा और छत्तीसगढ़ महतारी का सपूत बताया। डॉ. सिंह ने कहा- वे सिर्फ संत नहीं थे बल्कि जन-जागरण के प्रतीक थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में बहुत बड़ा योगदान दिया। पवन दीवान जी की बड़ी इच्छा थी कि छत्तीसगढ़ की बेटी और भगवान श्रीराम की माता कौशिल्या का मंदिर बने। उनकी इस इच्छा को हम जरूर पूरा करेंगे। अगले 6 महीने में उनका स्मृति ग्रंथ भी तैयार करने की हमारी योजना है। 
डॉ. रमन सिंह ने ‘रमन के गोठ’ की सातवीं कड़ी में आज प्रदेश सरकार की अनेक योजनाओं का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। साथ ही महिलाओं के नाम पर सम्पत्ति खरीदी में स्टाम्प ड्यूटी से छूट के कानून के बारे में भी बताया। डॉ. सिंह ने ‘नोनी सुरक्षा योजना’ के बारे में कहा कि इस योजना में गरीब परिवार में दो बेटियों के जन्म पर प्रत्येक नवजात बेटी के नाम पर राज्य सरकार 5 हजार रूपये पांच साल तक हर साल जमा कर रही है। जब बेटी 18 वर्ष की हो जाएगी तो उसे एक लाख रूपये मिलेंगे। बेटियों को पहली कक्षा से कॉलेज तक निःशुल्क शिक्षा की सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से जन्म और मृत्यु पंजीयन भी अनिवार्य रूप से कराने का आग्रह किया उन्होंने कहा कि जन्म और मृत्यु पंजीयन का प्रमाण पत्र प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी इसकी जरूरत पड़ती है। प्रदेश भर में ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों, नगर पालिका और नगर निगम कार्यालयों में तथा सभी सरकारी अस्पतालों में ये प्रमाण पत्र निःशुल्क बनाए जाते हैं। 


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