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आकाशवाणी से ‘रमन के गोठ’ की 15वीं कड़ी : दीवाली के बाद अब धान खरीदी का उत्सव : डॉ. रमन सिंह : राज्य के इतिहास में इस बार सबसे ज्यादा 14.54 लाख किसानों ने करवाया अपना पंजीयन

मुख्यमंत्री ने कहा:सम्पूर्ण समाज पर है बचपन बचाने की जिम्मेदारी 
हजार, पांच सौ की नोटबंदी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करने प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक कदम
प्रदेश के प्रतिभावान बच्चों का भी जिक्र किया मुख्यमंत्री ने अपनी रेडियो वार्ता में


रायपुर, 13 नवंबर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ में प्रदेश के किसानों को राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य के अनुसार 15 नवम्बर से धान खरीदी के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि इस वर्ष समर्थन मूल्य के अनुसार धान बेचने के लिए 14 लाख 54 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों की यह संख्या पिछले साल के मुकाबले डेढ़ लाख से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा - मुझे खुशी है कि दीवाली के बाद धान खरीदी का उत्सव शुरू हो रहा है और किसानों का इंतजार खत्म हो रहा है। इस बार राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा किसानों ने सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए अपना मन बनाया है और इसके लिए विधिवत पंजीयन भी करवा लिया है।
मुख्यमंत्री ने 14 नवम्बर को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर मनाये जाने वाले ‘बाल दिवस’ का भी उल्लेख किया और श्रोताओं को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए राज्य में लागू विभिन्न कानूनों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा-आज के बच्चे ही कल के कर्णधार है। इसलिए उनके भविष्य की बुनियाद को मजबूत करने और वर्तमान में उनके बचपन को बचाने की जिम्मेदारी सम्पूर्ण समाज की है। 
उन्होंने राज्य निर्माण के सोलह साल पूर्ण होने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माता के रूप में याद किया और राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह के आगमन, पूरे देश में मनाए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी वर्ष की भी चर्चा की। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री द्वारा काले धन की विकराल समस्या पर अंकुश लगाने के लिए पांच सौ और एक हजार के नोटों को बंद करवाने के निर्णय का स्वागत करते हुए रेडियो प्रसारण में कहा - श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। नई व्यवस्था होने पर स्वाभाविक रूप से प्रारंभिक कुछ दिनों तक छोटी-मोटी समस्याएं आती हैं, जिनके निराकरण के लिए व्यापक इंतजाम भी किए गए हैं। इस फैसले का पुरजोर स्वागत होना चाहिए, क्योंकि इससे ईमानदार भारत की छवि और निखरेगी, जिसका लाभ हर स्तर पर मिलेगा। मुख्यमंत्री की मासिक रेडियो वार्ता की आज यह 15वीं कड़ी थी। इसे राज्य में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों से एक साथ प्रसारित किया गया। दूरदर्शन, सभी एफ.एम. रेडियो चैनलों और कुछ प्राइवेट टेलीविजन समाचार चैनलों ने भी इसका प्रसारण किया। राजधानी रायपुर से लेकर राज्य के सभी शहरों और गांवों में सार्वजनिक स्थानों पर मुख्यमंत्री का यह रेडियो प्रसारण उत्साह के साथ सुना गया। डॉ. रमन सिंह ने सभी लोगों को गुरूनानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और पुन्नी मेला सहित सभी तीज-त्यौहारों की शुभकामनाएं दी।

 

धान खरीदी के लिए 1986 उपार्जन केन्द्र  : प्रदेश की 41 मंडियों में भी होगी धान खरीदी
डॉ. रमन सिंह ने रेडियो वार्ता में जनता को बताया कि - राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिए सहकारी समितियों के अंतर्गत एक हजार 986 उपार्जन केन्द्रों की स्थापना की है। इस वर्ष से 41 कृषि उपज मंडियों और उप-मंडियों में भी समर्थन मूल्य के अनुसार धान खरीदी की जाएगी। खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। अधिकांश पंजीकृत किसानों के जन-धन खातों को आधार कार्ड से जोड़ा गया है। इससे उनके धान की राशि का भुगतान सीधे उनके जन-धन खातों में मिलेगा। धान खरीदी 15 नवम्बर से शुरू होकर 31 जनवरी 2017 तक चलेगी। किसानों को पिछले साल की अपेक्षा इस बार प्रति क्विंटल 60 रूपए अधिक राशि मिलेगी। मोटा धान 1470 रूपए और पतला धान 1510 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। प्रत्येक किसान से 15 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से खरीदी होगी। उन्होंने धान बेचने के लिए आने वाले किसानों से आग्रह किया कि जो धान उपार्जन केन्द्रों में लाया जाए, उसमें 17 प्रतिशत से ज्यादा नमी नहीं होनी चाहिए। यह राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मापदण्ड है। किसान भाई अगर धान को सुखाकर बेचने लाएंगे तो उन्हें बहुत सुविधा होगी। 
मुख्यमंत्री के निर्देश: उपार्जन केन्द्रों में किसानों से अच्छा व्यवहार करें अधिकारी-कर्मचारी
मुख्यमंत्री ने धान उपार्जन केन्द्रों में तैनात कर्मचारियों और उपार्जन व्यवस्था में लगे अधिकारियों तथा कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि किसानों से अच्छा और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। इसके साथ ही उनके धान की खरीदी की पूर्ण व्यवस्था की जाए। उपार्जन केन्द्रों में आने वाले अन्नदाताओं का सहयोग करें, ताकि उनका काम बहुत अच्छे वातावरण में पूर्ण हो और वे धान बेचकर खुशी-खुशी घर लौटे। डॉ. सिंह ने अपने रेडियो प्रसारण में अधिकारियों को सोसायटियों से धान के उठाव की अच्छी व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा - हम ऐसा करके न सिर्फ अपने प्रदेश के किसानों की सेवा करते हैं, बल्कि देश की भी सेवा करते हैं, क्योंकि इससे हमारे देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए चावल मिलता है। मुख्यमंत्री ने जनता को बताया कि केन्द्रीय पूल को चावल देने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है। देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस.) को चलाने में हमारे किसान भाईयों का बहुत बड़ा योगदान होता है। डॉ. रमन सिंह ने कहा - धान उपार्जन केन्द्रों में मक्के की खरीदी भी 15 नवम्बर से शुरू हो रही है, जो 31 मई 2017 तक चलेगी। इस वर्ष मक्के का समर्थन मूल्य 1365 रूपए निर्धारित किया गया है। 
सौर सुजला योजना से ढाई लाख एकड़ में होगी सिंचाई : किसानों को काफी रियायती दरों पर मिलेंगे सौर सोलर पम्प
मुख्यमंत्री ने अपनी आज की रेडियो वार्ता में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में शुरू की गई सौर सुजला योजना की चर्चा करते हुए कहा - इस योजना के तहत दो साल में राज्य के 51 हजार किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पम्प बहुत ही रियायती दरों पर दिए जाएंगे। लगभग साढ़े तीन लाख से साढ़े चार लाख रूपए तक लागत वाले सोलर सिंचाई पम्प किसानों को सिर्फ 15 हजार से 30 हजार रूपए में उनकी पात्रता के अनुसार मिलेंगे। सौर सुजला योजना से राज्य में ढाई लाख एकड़ में सिंचाई होने लगेगी। हर तरह से यह योजना एक क्रांतिकारी पहल है। डॉ. सिंह ने कहा - राज्य में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने पर किसानों को बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ता है। ऐसे क्षेत्रों में बिजली की पहुंच आसान नहीं होने के कारण या बिजली पहुंचाना बहुत खर्चीला होने के कारण किसान भाई बिजली से चलने वाले सिंचाई पम्पों का उपयोग नहीं कर पाते थे। उनके लिए यह योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा - सौर ऊर्जा अर्थात सूर्य देव की शक्ति अब छत्तीसगढ़ में सूर्यदेव की कृपा से खेतों को पानी भी मिलेगा। इससे न तो डीजल पर खर्च होगा और न ही प्रदूषण होगा। बिजली का बिल भी नही आएगा। 
छठवीं के छात्र रोशन सोरी और सातवीं की छात्रा इंदु मानिकपुरी के वैज्ञानिक प्रयोगों की भी सराहना  
डॉ. रमन सिंह ने पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती (14 नवम्बर) का जिक्र करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी जयंती पर मनाए जाने वाले बाल दिवस का भी जिक्र किया। डॉ. सिंह ने इस मौके पर राज्य के प्रतिभावान बच्चों की विभिन्न उपलब्धियों का विशेष रूप से उल्लेख किया और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा - विज्ञान के क्षेत्र में विशेष पहल के लिए राष्ट्रीय इग्नाईट अवार्ड दिया जाता है। इस बार इसके लिए छत्तीसगढ़ के जिन बच्चों का चयन हुआ है, वे राज्य के दुर्गम क्षेत्रों से आते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर इस पुरस्कार के लिए 28 बच्चे चुने गए हैं। इनमें से तीन बच्चे हमारे छत्तीसगढ़ राज्य के हैं। इन्हें राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार मिलेगा। यह हम सबके लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के नक्सल हिंसा पीड़ित इलाकों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए हमने पोटा केबिन बनाए हैं। इनमें से सुकमा जिले के एक पोटा केबिन में पढ़ाई कर रहे छठवीं कक्षा के छात्र रोशन सोरी ने पोलिंग बूथ से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.व्ही.एम.) में दर्ज आंकड़ों को सीधे कन्ट्रोल रूम भेजने का एक प्रयोग किया है। रोशन के पिता चाहते थे कि उनका बेटा गांव में पशु चराने जाए, लेकिन रोशन के मन में पढ़ाई की जो ललक थी, उसने उसे स्कूल पहुंचा दिया। रोशन के मन में लोकतंत्र के सबसे बड़े हथियार ‘मतदान’ की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। उसे मतपेटियों की चिन्ता हुई कि इसमें मतदाताओं के राय बंद है, जो सुरक्षित रूप से गिनती के लिए पहुंच जाए। मुख्यमंत्री ने कहा - मैं इसे बहुत बड़ी बात मानता हूं। विशेषकर नक्सल इलाके का एक बच्चा अगर इस तरह से सोच रहा है तो इसके मायने भी बहुत बड़े होते हैं। यह लोकतंत्र के प्रति आस्था का अपनी तरह का एक अद्वितीय उदाहरण है। यह प्रयोग चुनाव व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता के लिए अहम है। मुख्यमंत्री ने कहा - रोशन सोरी हमारे बस्तर अंचल और राज्य के सुखद भविष्य का प्रतीक है। वह नई सोच की रोशन है, जिसके दम पर भविष्य रौशन होगा। 
इंदु ने बनाया सेप्टिक टैंक प्रेशर रिकार्डर का मॉडल
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा निवासी कक्षा सातवीं की छात्रा इंदु मानिकपुरी की भी तारीफ की, जिन्होंने शौचालयों के सेप्टिक टैंक के भरने और ओव्हरफ्लो होने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सेप्टिक टैंक प्रेशर रिकार्डर का मॉडल बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा - इंदु की सोच है कि सेप्टिक टैंक में आलू काटकर डालने से इसकी गंदगी डि-कम्पोज हो जाएगी। मेरा मानना है कि इंदु की खोज स्वच्छ भारत अभियान को भविष्य का रास्ता दिखाएगी। मुख्यमंत्री ने जनता को यह भी बताया कि इंदु के पिता श्री रमेश मानिकपुरी एक सिविल ठेकेदार थे, जो निर्माण स्थल पर मजदूरों की मजदूरी का भुगतान करते समय नक्सल हिंसा में शहीद हो गए थे। इंदु बिटिया दंतेवाड़ा जिले के जावंगा स्थित एजुकेशन सिटी में राज्य सरकार के आस्था विद्या मंदिर में सातवीं कक्षा में पढ़ रही है। इंदु की मां ने लम्बे समय तक केरलापाल आंगनबाड़ी में काम किया। अब वे आस्था गुरूकुल में काम करती है। मुख्यमंत्री इस बात पर भी खुशी जताई कि इंदु बड़ी होकर कलेक्टर बनना चाहती है। उन्होंने कहा - मैं इंदु के हौसले और प्रतिभा को सलाम करता हूं। इंदु की मां श्रीमती कल्याणी मानिकपुरी की साधना को नमन करता हूं। विज्ञान की सोच और शोध के लिए इन बच्चों का जुनून अदभुत है। ये बच्चे संघर्ष में पले-बढ़े हैं, लेकिन कुछ कर गुजरने की इच्छा-शक्ति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इसी तारतम्य में डॉ. सिंह ने कहा कि नक्सल हिंसा प्रभावित इलाकों के 29 बच्चों ने प्रयास आवासीय विद्यालयों में मिली शिक्षा को सार्थक करके दिखाया है और भारत के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए चुने गए हैं। 
रमन के गोठ में राज्य के नन्हें राष्ट्रीय खिलाड़ियों की भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने बेडमिंटन के सीनियर वर्ग में कोरबा निवासी श्रेयांश जायसवाल को भारत का नंबर एक खिलाड़ी का दर्जा मिलने और आकर्षि कश्यप द्वारा 17 वर्ष से कम आयु वर्ग में देश भर में अव्वल स्थान बनाने पर बधाई दी। उन्होंने अपनी रेडियो वार्ता में एक टेलीविजन चैनल के राष्ट्रीय प्रसारण में हुए लाईव शो में छत्तीसगढ़ की नन्हीं बालिका अनन्या चौकसे और रायपुर शहर की तंग बस्ती में रहने वाले रिक्शा चालक सीताराम के बेटे लक्ष्मण की उपलब्धियों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा - छत्तीसगढ़ के बच्चों ने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में और खेलों के क्षेत्रों में, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी अपना नाम रौशन किया है। 
अंत्योदय को हमने बनाया राज्य की तमाम योजनाओं का मूलमंत्र 
मुख्यमंत्री ने कहा - इस बार राज्योत्सव में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह के आगमन से हमारा उत्साह बढ़ा है। नई ताकत मिली है, अब छत्तीसगढ़ को और भी आगे बढ़ाने है। नये जोश के साथ हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को देश का अव्वल राज्य बनाने के लिए जी-जान से जुट गए हैं। डॉ. रमन सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म-शताब्दी वर्ष के संदर्भ में उनके एकात्म-मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांतों का भी जिक्र किया। डॉ. सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा - छत्तीसगढ़ में हमने अंत्योदय को राज्य की तमाम नीतियों और योजनाओं का मूलमंत्र बनाया है। नया रायपुर को विश्व के सबसे अच्छे राजधानी शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है और इस नये शहर को अंत्योदय का प्रेरणा केन्द्र भी बनाया गया है। वहां कमजोर तबको को रहने, बसने और काम करने की सारी सुविधाएं समान रूप से मिलेंगी। अपने संकल्प का उदघोष करने के लिए हमने नया रायपुर की केन्द्रीय सड़क को एकात्म पथ का नाम दिया है और इस पथ के बीच विराट चौराहे पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा स्थापित की है, जिसका अनावरण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। इस तरह नया रायपुर में एकात्म पथ ‘जनपथ’ को राजपथ से जोड़ने वाला मार्ग बन गया है, जो एक ओर शासन-प्रशासन को गरीबों के प्रति संवेदनशील बनाए रखेगा, वहीं दूसरी ओर गरीबों के मन में अपने अधिकारों की भी अलख जगाए रखेगा।  


क्रमांक 3924/स्वराज्य