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जनता ने बनाया बड़े निर्णय लेने के काबिल : डॉ. रमन सिंह : मुख्यमंत्री ने कहा - भ्रष्टाचार, आतंकवाद और महंगाई की जड़ कालाधन

11/12/2016

प्रधानमंत्री ने कालेधन के खिलाफ छेड़ी सीधी लड़ाई
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर किसानों को 53 हजार करोड़ रूपए का हुआ भुगतान

रायपुर, 11 दिसम्बर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे आकाशवाणी से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ में कहा कि जनता के प्यार, सहयोग, समर्थन और मार्गदर्शन से ही मैं इस काबिल बन सका कि बड़े निर्णय ले सकूं।  उन्होंने कहा - आज जब मैं तेरह साल पीछे पलटकर देखता हूं तो मुझे लगता है कि छत्तीसगढ़ में जिन योजनाओं पर अमल किया है, वे देश के लिए भी अनुकरणीय हैं। जनता ने ही मुझे बड़े निर्णय लेने और उनके क्रियान्वयन की ताकत दी।  आकाशवाणी से ‘रमन के गोठ’ की यह सोलहवी कड़ी थी। इसका प्रसारण राज्य में स्थित आकाशवाणी और दूरदर्शन के सभी केन्द्रों से एक साथ किया गया। कुछ प्राइवेट टेलीविजन चैनलों ने भी इसका प्रसारण किया।  गांवों और शहरों में लोगों ने बड़े उत्साह के साथ मुख्यमंत्री का रेडियो प्रसारण सुना। 

डॉ. सिंह ने ‘रमन के गोठ’ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कैशलेस समाज बनाने  के आव्हान की चर्चा करते हुए उन्हें दृढ़ संकल्पित और दूरदर्शी प्रधानमंत्री बताया। डॉ. रमन सिंह ने कहा - भ्रष्टाचार, आतंकवाद और महंगाई जैसी बड़ी समस्याओं की जड़ काला धन है। इसलिए प्रधानमंत्री ने काले धन के खिलाफ सीधी लड़ाई छेड़ दी है। डॉ. सिंह ने विमुद्रीकरण के विकल्प के रूप में नकदी रहित लेनदेन (कैशलेस ट्रांजेक्शन) के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की जनता को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जब व्यक्तिगत रूप से हम नकद राशि का लेनदेन नहीं करेंगे और जब सभी लोग कार्ड या इंटरनेट के माध्यम से लेन-देन करने लगेंगे तब करेंसी नोटों को अपनी जेब में लेकर घूमने की समस्या ही समाप्त हो जाएगी और ‘नगद - विहीन समाज अथवा कैशलेस सोसायटी का निर्माण होगा और नगदी का भी दुरूपयोग रूकेगा।  
    डॉ. सिंह ने आज की अपनी रेडियो वार्ता में राज्य सरकार की उन योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया जिनसे गरीबों, महिलाओं, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों के जीवन में परिवर्तन आया है। उन्होंने अपनी सरकार के विगत तेरह वर्षों की प्रमुख योजनाओं और उपलब्धियों का भी ब्यौरा दिया। डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री खा़द्यान सहायता योजना के तहत 58 लाख 80 हजार परिवारों के लिए चावल, नमक और चना वितरण की योजना और किसानों को खेती के लिए ब्याज मुक्त ऋण सुविधा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा राज्य के किसानों को पहले खेती के लिए 14 प्रतिशत ब्याज पर ़ऋण मिलता था। अब उन्हें शून्य ब्याज पर ऋण मिल रहा है। यह किसानों के लिए बड़ी राहत है। इसके फलस्वरूप कृषि ऋणों का वितरण 150 करोड़ रूपए से बढ़कर लगभग तीन हजार करोड़ तक पहुंच गया है।  मुख्यमंत्री ने कहा - समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी हमारी तीसरी बड़ी योजना है। विगत तरेह साल में पांच करोड़ 60 लाख मीटरिक टन धान खरीद कर किसानों को 53 हजार करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। 
डॉ. रमन सिंह ने कहा - जब मैं दिल के करीब योजना की बात करता हॅूं तो मुझे मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना सबसे ज्यादा पसंद आती है, जिसका सबसे ज्यादा स्वागत हुआ है। उन्होंने कहा इस योजना में हजारों बच्चों के हृदय के ऑपरेशन हुए है और आज वे सुरक्षित जीवन जी रहे हैं। उनके चेहरों पर मुस्कान है। यह मुस्कान छत्तीसगढ़ के भविष्य की मुस्कान बनेगी। डॉ. सिंह ने कहा टोल फ्री नम्बर 102 पर आधारित महतारी एक्सप्रेस और 108 पर आधारित संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस के जरिये लाखों परिवारों को सुरक्षा मिली है। जवानों को सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों से बचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा - वनवासी परिवारों के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण के पारिश्रमिक की दरों में वृद्धि की गई है। वर्ष 2003 में उन्हें 350 रूपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक मिलता था, इसे बढ़ाकर हमने 1500 रूपए कर दिया है। पिछले तेरह साल में उन्हें तेन्दूपत्ता संग्रहण पर लगभग 2600 करोड़ रूपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) वितरित किया गया है। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि इमली, चिरौंजी गुठली, महुआ, लाख और साल बीज की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। उन्हें 71 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। डॉ. सिंह ने 13 लाख तेन्दूपत्ता सग्राहकों के लिए निःशुल्क चरण पादुका वितरण और उनके परिवारों की महिलाओं के लिए साड़ी वितरण योजनाओं का भी जिक्र किया।


 डॉ. सिंह ने कहा - सरस्वती साइकिल योजना शुरू होने पर राज्य के हाई स्कूलों में बेटियों की दर्ज संख्या 65 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई है। यह योजना अनुसूचित जाति, जनजाति और बीपीएल परिवारों को निःशुल्क साइकिल देने के लिए शुरू की गई है। गरीब परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा  की सुविधा देने के लिए ऋण  ब्याज अनुदान योजना के तहत मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर चार लाख रूपए का ऋण दिया जा रहा है। इस योजना में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शून्य ब्याज दर पर ऋण सुविधा दी जा रही है। 
मुख्यमंत्री ने श्रोताओं को बताया - कॉलेजों में पढ़ाई करने वाली बेटियों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है। इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक में पढ़ाई करने वाली बेटियों के लिए शिक्षण शुल्क माफ किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की 67 हजार बेटियों के विवाह हुए हैं। बुजुर्गों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का भी डॉ. सिंह ने जिक्र किया और बताया कि लगभग दो लाख वरिष्ठजनों को इस योजना में निःशुल्क तीर्थ यात्रा करायी गई है। मुख्यमंत्री ने कौशल विकास योजना और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में प्राप्त सफलताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 27 जिलों में युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए लाइवलीहुड कॉलेज खोले गए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुआ तो राष्ट्रीय स्तर के कोई संस्थान नहीं थे। आज हमारे पास आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, ट्रिपल-आईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या दस हो गई है। इंजीनियरिंग कॉलेज की संख्या 49 तक पहुंच गई है। यह छत्तीसगढ़ के युवाओं को नये अवसर देने के लिए एक बड़ा कदम है। डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रमुख योजनाओं का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने श्रोताओं को बताया - प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत छत्तीसगढ़ में दो साल के भीतर 25 लाख बहनों को सिर्फ 200 रूपए में निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन, सिलेण्डर और चूल्हा दिया जा रहा है। प्रधामंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022 तक प्रत्येक गरीब परिवार को मकान दिए जाएंगे। इस योजना में लगभग आठ हजार करोड़ रूपए खर्च होंगे। सौर सुजला योजना में 51 हजार गरीब परिवारों को तीन हार्स पावर और पांच हार्सपावर के सोलर सिंचाई पम्प काफी कम कीमत पर दिए जाएंगे। 


 क्रमांक- 4374/स्वराज्य