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आज विश्व वानिकी दिवस: मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं वन और जीवन एक-दूसरे के पूरक : डॉ. रमन सिंह : वनों की रक्षा के लिए जनभागीदारी की अपील

ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोतों के इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर 

रायपुर, 20 मार्च 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर जनता को हार्दिक बधाई प्रेषित करते हुए वनों की रक्षा के लिए व्यापक जनभागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा है कि वन और जीवन दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आज से 46 साल पहले लिए गए फैसले के अनुरूप पूरी दुनिया में वनों की सुरक्षा और उनके संवर्धन के कार्यों के प्रति जन-जागरण के लिए विश्व वानिकी दिवस का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष के वानिकी दिवस को ’वानिकी और ऊर्जा’ विषय पर केन्द्रित किया गया है। उन्होंने कहा-विश्व स्तर पर संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित सतत विकास के लक्ष्यों में वन और पर्यावरण को नुकसान से बचाना और संसाधनों का उपयोग सूझ-बूझ के साथ करना भी शामिल है। डॉ. सिंह ने जंगलों की रक्षा के लिए सौर ऊर्जा जैसे ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोतों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की जरूरत पर भी बल दिया है। 
उन्होंने कहा-हरे-भरे वनों से मानव जीवन का गहरा संबंध है। अच्छी बारिश,स्वच्छ हवा और बहुमूल्य जीवन रक्षक जड़ी-बूटियों के लिए और सुन्दर जैव विविधता के लिए वनों का होना बहुत जरूरी है। जब तक वन हैं, दुनिया में तब तक जीवन है। मुख्यमंत्री ने कहा-वनों के माध्यम से हम ऑक्सीजन के रूप में एक ऐसी ऊर्जा का संचय करते हैं, जो हमारे तन और मन को स्वस्थ और आनंददायक बनाने में सहायक होती है। डॉ. सिंह ने कहा-हमें यह स्वीकार करने में थोड़ा भी संकोच नहीं करना चाहिए कि आधुनिक युग में भौतिक विकास की तेज रफ्तार की वजह से पिछले कुछ दशकों में पूरी दुनिया में वनों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इसके फलस्वरूप मानव जीवन के सामने ग्लोबल वार्मिंग जैसी कई तरह की गंभीर चुनौतियां भी खड़ी हो गई है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि सब मिलकर अपनी वर्तमान और भावी पीढ़ियों के जीवन को सुखमय बनाने के लिए वनों की रक्षा करें, अधिक से अधिक संख्या में पेड़ लगाएं और चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल न करें। वनों को आग से भी बचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा-इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने देश में पांच करोड़ गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत हम लोगों ने छत्तीसगढ़ में 35 लाख परिवारों को सिर्फ 200 रूपए के पंजीयन शुल्क पर रसोई गैस कनेक्शन, डबल बर्नर चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेण्डर मुफ्त देने की शुरूआत कर दी है। अब तक नौ लाख  से ज्यादा परिवारों को इसका लाभ मिल चुका है। इसी तरह सिंचाई कार्यों में परम्परागत बिजली की खपत कम करने के लिए किसानों को सौर ऊर्जा आधारित पम्प अत्यंत कम कीमत पर वितरित किए जा रहे हैं। इसके लिए सौर सुजला योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से विश्व वानिकी दिवस के कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आव्हान किया है।   

क्रमांक-5993/स्वराज्य