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दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री सौरभ कुमार को मिला लोक प्रशासन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार

21/04/2017

दंतेवाड़ा जिले के पालनार गांव को देश का पहला कैशलेस गांव बनाने की पहल पर मिला पुरस्कार 

 
रायपुर, 21 अप्रैल 2017

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा को सरकार की रीति-नीति के अनुसार कैशलेस बनाने की दिशा में की गयी सफलतम पहल पर दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री सौरभ कुमार को लोक प्रशासन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री के उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित गया है। यह पुरस्कार प्रति वर्ष सिविल सेवा दिवस के अवसर पर, देश के विभिन्न जिलों में सिविल सेवकों द्वारा किये गये अभिनव कार्यों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा दिया जाता है। 
इस वर्ष यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ से दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर श्री सौरभ कुमार को प्रदान किया गया। उन्होंने यह पुरस्कार आज 21 अप्रैल को सिविल सर्विसेस दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों ग्रहण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री श्री जीतेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे। 
    इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि शासकीय दिशा-निर्देशों और शासन की रीति-नीति के अनुसार विमुद्रीकरण के दौर में दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने जिले को कैशलेस बनाने की वृहद रणनीति तैयार की। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों, संस्थाओं, समाज सुधारकों आदि की 11 जागरूकता टीम तैयार की, जो कि लगातार जगह-जगह गांव, कस्बों ,दुकानों, व्यवसायियों, आदि को कैशलेस लेनदेन की दिशा में जागरूक करने का कार्य करती रहीं। केवल 3 सप्ताह के भीतर ही जिलों में 5 हजार लोग डिजिटल आर्मी के सदस्य बने और लगभग 12 हजार 800 लोगों को डिजिटली लेनदेन के लिए प्रशिक्षित किया गया। दुकानदारों को प्रोत्साहित किया गया कि वे किस प्रकार 'एप' को डाउनलोड कर उसका उपयोग करें। 
    अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस दौरान दंतेवाड़ा जिले में जिला प्रशासन द्वारा जगह-जगह फ्री वाई-फाई इंटरनेट की व्यवस्था सुलभ कराई गई। इन प्रयासों का प्रतिफल जिले में तेजी से दिखने लगा। दंतेवाड़ा जिले के कुआकोड़ा विकास खंड के अंदरूनी गांव पालनार को प्रदेश का पहला कैशलेश ट्रांजेक्शन वाला जिला होने का गौरव हासिल हुआ। यहां पूरा शॉपिंग काम्पलेक्स वाई फाई है। इसके लिए प्रशासन ने इजीटॅाप पीओएस मशीनें उपलब्ध कराई। पूरे शापिंग काम्पलेक्स में चाहे दूध की दुकान हो, किराना हो या पंचर की दुकान हो। सभी दुकानदार यहां ई-पेमेंट की सुविधा प्रदान करते है। धीरे-धीरे दंतेवाड़ा और किरंदुल में लगभग 90 प्रतिशत व्यापारियों ने कैशलेस पेमेंट को अपना लिया। अब जिला प्रशासन जिले में मनरेगा के अंतर्गत समस्त भुगतान, पेंशन भुगतान व ग्राम पंचायत स्तर पर समस्त खरीदी को डिजिधन के अंतर्गत प्रक्रिया में लेने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।   


 
क्रमांक 364/सीआईसी