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विश्व युवा कौशल दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने की घोषणा : केन्द्र सरकार ने कोरबा - बस्तर में दी प्लास्टिक इंजीनियरिंग संस्थान खोलने की मंजूरी: डॉ. रमन सिंह

16/07/2017

अब तक 3.62 लाख से ज्यादा युवाओं को मिला कौशल प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री शामिल हुए विश्व कौशल दिवस समारोह में 
छत्तीसगढ़ कौशल ओलम्पियाड 2017 के पुरस्कार वितरित
 
विश्व कौशल दिवस मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ स्किल ओलंपियाड के विजेताओं को किया पुरस्कृत
 
रायपुर, 16 जुलाई 2017
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राजधानी रायपुर में लगभग डेढ़ साल पहले शुरू किया गया केन्द्रीय प्लास्टिक इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान सफलता पूर्वक चल रहा है। अब प्रदेश का दूसरा केन्द्रीय प्लास्टिक इंजीनियरिंग  एवं तकनीकी संस्थान (सिपेट) औद्योगिक शहर कोरबा में जल्द शुरू किया जाएगा। 
डॉ. सिंह ने आज राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में विश्व युवा कौशल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को सम्बोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरबा के बाद बस्तर संभाग में भी इस केन्द्रीय संस्थान की स्थापना की जाएगी। केन्द्र सरकार ने  कोरबा और बस्तर में इस संस्थान की स्थापना के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है। डॉ. सिंह ने समारोह में इसकी घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय कौशल विकास मंत्री श्री राजीव प्रताप रूड़ी के प्रति आभार प्रकट किया। डॉ. सिंह ने समारोह में यह भी बताया कि प्रदेश चौथा सीपेट राजनांदगांव में प्रस्तावित है। इसके लिए भी तैयारी चल रही है। उल्लेखनीय है कि रायपुर में यह संस्थान पिछले वर्ष 22 अप्रैल को शुरू किया गया था। संस्थान में युवाओं को प्लास्टिक आधारित विभिन्न उपयोगी वस्तुओं के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 
मुख्यमंत्री ने आज विश्व कौशल दिवस समारोह को मुख्य अतिथि की आंसदी से सम्बोधित करते हुए कहा- छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने युवाओं को कौशन उन्नयन का प्रशिक्षण पाने का कानूनी अधिकार दिया है। राज्य के तीन लाख 62 हजार से ज्यादा युवाओं ने केन्द्र तथा राज्य की योजनाओं के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। इनमें से एक लाख से ज्यादा युवा अब तक रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा - आम जनता की जरूरतों से जुड़े विभिन्न कार्यों और व्यवसायों में कौशल प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्हें कौशल प्रशिक्षण देने के लिए राज्य में 2640 संस्थाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता (वीटीपी) के रूप में पंजीकृत किया गया है। युवाओं को हुनरमंद बनाने राज्य में 109 सेक्टरों के अंतर्गत 867 अल्प अवधि के पाठ्यक्रम उपलब्ध है। इनमें न्यूनतम 50 घंटे से लेकर अधिकतम 1800 घंटे तक प्रशिक्षण की सुविधा है। मुख्यमंत्री ने कहा - परपरांगत व्यवसाय करने वाले युवाओं को भी तीन माह से चार माह का प्रशिक्षण दिया जा  रहा है। इससे उनके काम की गुणवत्ता बढ़ रही है और उनकी आमदनी में भी वृद्धि हो रही है।
  विधायक श्री श्रीचंदसुंदरानी और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री कमलचंद्र भंजदेव विशेष अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित थे। इस अवसर पर युवाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी मंचन किया। मुख्यमंत्री ने कौशल ओलम्पियाड सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी पुरस्कार वितरित किए। विश्व कौशल युवा दिवस समारोह का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण और लाइवलीहुड कॉलेज परियोजना की राज्य समिति द्वारा किया गया।  छत्तीसगढ़ कौशल ओलंपियाड 2017 के तहत युवाओं के लिए सत्रह ट्रेडों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गई।  इनमें वेल्ंिडग, ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन टेक्नालॉजी, हेयर ड्रेसिंग आदि शामिल थे। कौशल ओलम्पियाड पांच स्तरों पर आयोजित किया गया। सबसे पहले 19-20 जून को वीटीपी स्तर पर, 22-24 जून को ब्लॉक स्तर पर, 27-29 जून को जिला स्तर पर, 5 जुलाई 7 जुलाई तक संभाग स्तर पर और 15-16 जुलाई को राज्य स्तर पर इसका आयोजन हुआ।
 कौशल ओलंपियाड का आयोजन राष्ट्रीय खनिज विकास निगम, भारतीय स्टेट बैंक, रायपुर आटो मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन, आईडीबीआई बैंक, क्रेडाई छत्तीसगढ़, मेट्स विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान, केन्द्रीय प्लास्टिक इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थान सहित सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की  विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने समारेाह में कहा कि युवाओं कि प्रदेश के विकास, सांस्कृतिक और सामाजिक सहित सभी क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने और युवाओं में सक्षम नेतृत्वशीलता विकसित करने के उद्देश्य से जल्द ही छत्तीसगढ़ की युवा नीति तैयार की जाएगी। छत्तीसगढ़ की युवा नीति तैयार करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर तक के युवाओं के विचार आमंत्रित किये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं का आव्हान किया कि वे जहां भी जाये अपनी प्रतिभा, लगन और मेहनत से यह साबित कर दिखाएं कि छत्तीसगढिया सबले बढिया।
मुख्यमंत्री ने समारोह में बताया कि  हाल के जिला मुख्यालय जशपुर के भ्रमण के दौरान उन्होंने कौशल उन्नयन का  प्रशिक्षण प्राप्त और दिल्ली, बेंगलूरू, चेन्नई, और गुडगांव सहित 6 राज्यों में काम कर रहे युवाओं और इन युवाओं को काम देने वाली संस्थाओं के प्रबंधन से उन्होंने वीडियो क्रान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। प्रबंधन के लोगों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से आने वाले बच्चे अपनी लगन और मेहनत से अच्छाकाम कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए शिक्षा के साथ-साथ हुनर का होना भी आवश्यक है। युवाओं की ऊर्जा देखकर ऐसा लगता है कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी को आगे बढने से अब कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने बताया कि युवाओं की कौशल उन्नयन के लिए प्रदेश के सभी 27 जिलों में लाईवलीहुड़ कालेज स्थापित किये गये है। प्रदेश में इंजीयरिंग कालेज की संख्या 12 से बढ़कर 50 हो गई है। पॉलिटेक्नीक की संख्या 10 से बढ़कर 51 ,और आईटीआई की संख्या 61 से बढ़कर 176 हो गई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज आईआईएम, आईआईटी , एनआईटी,हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्व विद्यालय, एम्स और ट्रिआईटी सहित उच्च शिक्षा के सभी संस्थान मौजूद है। छत्तीसगढ़ में हर वर्ष 20 हजार से ज्यादा युवा तकनीकी संस्थानों में प्रवेश लेते है। 
मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर,रायपुर, और सरगुजा संभाग के हुनरमंद युवाओं द्वारा तैयार वस्तुओं की लगाए गये स्टालों का अवलोकन किया और युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने राज्य कौशल राज्य प्राधिकरण के माध्यम से युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए संचालित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  डॉ. वासवा राजू ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अनेक अधिकारी, व्यवसायिक और तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  
 
  क्रमांक-1621/सोलंकी