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अपनी पंचायतों को ‘खुले में शौच मुक्त’ बनाने की गौरवशाली उपलब्धि दर्ज करें: डॉ. रमन सिंह

07/09/2017

‘हमर छत्तीसगढ़ योजना’ के पंचायत प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री ने किया आव्हान

मुख्यमंत्री ने बलौदाबाजार, राजनांदगांव और कबीरधाम जिले के 560 पंचायत प्रतिनिधियों को किया सम्बोधित

रायपुर, 07 सितम्बर 2017

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां अपने निवास परिसर में बलौदाबाजार-भाटापारा, राजनांदगांव और कबीरधाम जिले से आये 560 पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने कार्यकाल में लोगों को प्रोत्साहित कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत अपनी ग्राम पंचायतों के गांवों को ‘खुले में शौच मुक्त’ बनाकर इस अभियान में अपनी गौरवपूर्ण उपलब्धि दर्ज कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ गांव से स्वस्थ्य गांव बनेगा और लोगों के अच्छे स्वास्थ्य से गांवों में समृद्धि आएगी। ये पंचायत प्रतिनिधि ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना’ के अंतर्गत राजधानी रायपुर के दो दिवसीय प्रवास पर आये हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बस्तर से सरगुजा तक लोगों की बोली, रहन सहन में विविधता है, फिर भी छत्तीसगढ़ एकता के मजबूत सूत्र में बंधा है। छत्तीसगढ़ की इस एकता को और अधिक मजबूत बनाना और प्रदेश की राजधानी रायपुर के साथ छत्तीसगढ़वासियों के अपनेपन को प्रगाढ़ करना भी हमर छत्तीसगढ़ योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। हमर छत्तीसगढ़ योजना में विभिन्न जिलों से रायपुर आने वाले पंचायत प्रतिनिधि एक-दूसरे से मिलकर उनकी संस्कृति और उनके द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त करते हैं और इससे काफी कुछ सीखते भी हैं। नया रायपुर के बॉटनिकल गार्डन में पंचायत प्रतिनिधि अपने गांव की मिट्टी, पानी और पौधे लाकर वहां रोपते हैं। इससे राजधानी के साथ उनका जुड़ाव और भी मजबूत होता है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के. राउत भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से होता है। पंचायत प्रतिनिधि योजनाओं के बारे में स्वयं जानकारी रखें और इन योजनाओं के अपनी ग्राम पंचायत में क्रियान्वयन की स्थिति की निगरानी भी करें, तभी ग्राम पंचायतें जागरूक और आदर्श ग्राम पंचायतों के रूप में विकसित होंगी। उन्होंने इस संदर्भ में स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई-लिखाई, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कार्य योजना बनाई है। किसानों को तीन योजनाओं का लाभ मिलेगा। राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत फसल नुकसान का मुआवजा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि और समर्थन मूल्य पर वर्ष 2016 में खरीदे गए धान पर प्रति क्विंटल 300 रूपए के मान से बोनस मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 का बोनस दीपावली के पहले किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। किसानों को 2100 करोड़ रूपए के बोनस के भुगतान के लिए विधानसभा के विशेष सत्र में विधानसभा से अनुमति प्राप्त की जाएगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के लगभग 20 हजार गांवों में जाकर पंचायत प्रतिनिधियों से मिलना संभव नहीं हो पाता। इसलिए हमर छत्तीसगढ़ योजना की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें दो वर्ष में लगभग एक लाख 80 हजार पंचायत प्रतिनिधि और सहकारिता के प्रतिनिधि राजधानी रायपुर आएंगे। 

क्रमांक-2444/सोलंकी