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महिला एवं बाल विकास विभाग की ’’शुचिता योजना’’ और ’’संस्कार अभियान’’ को मिला सिल्वर स्कॉच अवार्ड : मुख्यमंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएं

12/09/2017

रायपुर, 12 सितम्बर, 2017
 
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में महिला एवं बाल विकास द्वारा शासकीय कन्या शालाओं में बालिकाओं के लिए सेनेटरी नेपकिन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उनमें स्वच्छता से संबंधित जागरुकता लाने के लिए संचालित ’’शुचिता योजना’’ और आंगनबाड़ी केन्द्रों में छोटे बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा के लिए तैयार करने के लिए संचालित ’’संस्कार अभियान’’ को राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर स्कॉच अवार्ड 2017 से सम्मानित होने पर विभाग को बधाई और शुभकामाएं दी है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) स्थित उनके कार्यालय कक्ष में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने मुलाकात कर उन्हें इन विभागीय योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने श्रीमती रमशीला साहू सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि नई दिल्ली के कांस्टिट्यूशनल क्लब ऑफ इंडिया में इस माह की 8 और 9 तारीख को स्कॉच फांउण्डेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सिल्वर स्कॉच अवार्ड 2017 से सम्मानित किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. एम.गीता ने यह सम्मान प्राप्त किया।
‘शुचित योजना’ को देश की प्रथम तीन स्मार्ट गवर्नेंस परियोजनाओं में चुना गया है। ‘शुचिता योजना’ और ‘संस्कार अभियान’ को देश की 200 सर्वश्रेष्ठ स्मार्ट गवर्नेंस परियोजनाओं में शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की शासकीय कन्या शालाओं में बालिकाओं में मासिक धर्म के समय स्वच्छता संबंधी आदतों के विकास के लिए ‘शुचिता योजना’ संचालित की जा रही है। इस योजना को देश की प्रथम तीन र्स्माट गवर्नेंस परियोजनाओं में अवार्ड प्राप्त हुआ है। शुचिता योजना में लगभग 10 माह की अवधि में 2022 शासकीय कन्या शालाओं में सेनेटरी नेपकिन की ए.टी.एम. वेंडिंग मशीन और उपयोग की गयी सेनेटरी नेपकिन को भस्म करने के लिए भस्मक मशीनें लगायी गयी हैं। वेडिंग मशीन के माध्यम से प्रथम 7250 नेपकिन की प्रथम बार निःशुल्क आपूर्ति की जाती है। इन मशीनों के रखरखाव के लिए यूरोपियन कमीशन के राज्य साझेदारी कार्यक्रम से प्राप्त राशि से स्थापना करायी गयी है। योजना के अगले चरण में बालिकाओं को मासिक धर्म के संबंध में जागरुक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की शाला पूर्व शिक्षा के लिए संस्कार अभियान प्रदेश में इस वर्ष 10 मार्च को प्रारंभ किया गया। प्रदेश की लगभग पांच हजार केन्द्रों में इस अभियान को लागू किया गया है, जिनकी संख्या निकट भविष्य में बढ़कर आठ हजार हो जाएगी। इस योजना में बच्चों के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया गया, जिसमें बालगीत, खेलों और सृजनात्मक गतिविधियों के माध्यम को स्कूल के लिए तैयार किया जाता है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. एम.गीता, संयुक्त संचालक श्री प्रतीक खरे सहायक संचालक द्वय श्री साजिद मेमन और श्री सुनील शर्मा उपस्थित थे।
 
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