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‘रमन के गोठ’ : आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम (दिनांक-12 जून, 2016, समय-प्रातः 10.45 से 11.00 बजे)

12/06/2016

रोताओं नमस्कार !
(पुरूष उद्घोषक की ओर से)

  • आकाशवाणी के महत्वपूर्ण प्रसारण ‘रमन के गोठ’ में आप सभी का हार्दिक स्वागत करते हैं, अभिनंदन करते हैं।
  • श्रोताओ! आज ‘रमन के गोठ’ की दसवीं कड़ी का प्रसारण है। इस अवसर पर हम माननीय मुख्यमंत्री महोदय डॉ. रमन सिंह जी का स्वागत करते हैं।

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  •  जम्मो संगी-जहुंरिया, सियान-जवान, दाई-बहिनी मन ला जय-जोहार।
  •  सबसे पहले मैं आप सबको ‘विकास पर्व’ की बधाई देता हूं।
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी केन्द्र सरकार ने दो वर्ष पूरे करते हुए, देश में विकास के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इन उपलब्धियों और गौरव से देशवासियों को जोड़ने के लिए यह ‘विकास पर्व’ मनाया जा रहा है, जिसमें हमारे प्रदेश की भी उत्साहजनक भागीदारी है।
  • मोदी जी के प्रयासों से भारत माता का और हम सबका मस्तक दुनिया में ऊंचा हुआ है।
  •  इस साल देश की जीडीपी की विकास दर 7.6 प्रतिशत बढ़ी है और भारत विश्व में पहले नम्बर पर आया है।
  • मोदी जी ने प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना, जनधन योजना, मुद्रा योजना, डिजिटल इंडिया आदि अनेक योजनाएं लागू कराई हैं।
  •  जिनसे जन-जन का सशक्तिकरण हो रहा है और छत्तीसगढ़ में भी समृद्धि और खुशहाली का एक नया दौर शुरू हुआ है।
  • छत्तीसगढ़ की 80 प्रतिशत जनता की आय का मुख्य जरिया खेती है। धान की खेती हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है।
  • मोदी जी ने धान का समर्थन मूल्य 60 रूपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर, किसान भाइयों को एक बड़ी सौगात दी है, जिसका लाभ लाखों किसान भाइयों और उनके परिवारजनों को मिलेगा।
  • इसलिए ‘विकास पर्व’ हम सबका, देश और प्रदेशवासियों का पर्व है। यह सबके अच्छे दिनों का शुभ संकेत है।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • श्रोताओं! विगत प्रसारण में हमने बताया था कि आपकी प्रतिक्रियाएं जानने के लिए हमने सोशल मीडिया-फेसबुक, ट्विटर के साथ एसएमएस का उपयोग भी शुरू किया है। पत्र लिखने वालों का भी स्वागत है। हमें खुशी है कि नौवीं कड़ी के प्रसारण के बाद हमें बड़ी संख्या में आपकी प्रतिक्रियाएं मिलीं। इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।
  • आगे भी आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में त्ज्ञळ के बाद स्पेस लेकर अपने विचार लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर सेंड करते रहिए और संदेश के अंत में अपना नाम और पता लिखना न भूले।
  • मुख्यमंत्री जी, हमारे श्रोताओं से जो प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, वे सब चाहते हैं कि आप उस पर आप कुछ कहें ?

उत्तर-मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • सचमुच यह खुशी की बात है कि हमारे जागरूक श्रोता बहुत ध्यान से यह कार्यक्रम सुन रहे हैं, जो विषय उनके मन में उठ रहे हैं, वह भी लिखकर भेज रहे हैं।
  • फेसबुक में रोहित सिंह ने एक ओर जहां कन्यादान योजना की तारीफ की, वहीं दहेज-मुक्त भारत बनाने के बारे में भी चर्चा की है। यह बहुत अच्छी बात है।
  • नशामुक्ति के लिए ज्योति गुप्ता, अश्वनी साहू, एस.एन. दुबे आदि ने अपने विचार रखे हैं। मैं बताना चाहूंगा कि हम इस दिशा में लगातार जन-जागरण अभियान चला रहे हैं।
  • बेमेतरा जिले के मयंक रेडियो श्रोता संघ से नारायण प्रसाद वर्मा, धरसीवां, जिला रायपुर के आकांक्षा रेडियो लिस्नर्स क्लब से छेदूलाल यादव, तेन्दूभाठा, धमतरी के उमेन्द्र कुमार निषाद और उनके साथी, कबीरधाम जिले के दरियानामल मोटवानी और उनके साथियों ने पत्र भेजकर बताया है कि ये लोग समूह में बैठकर यह कार्यक्रम सुन रहे हैं।
  • मैं आप सभी का हृदय से आभारी हूं, जो यह प्रसारण सुनते हैं और उसके बाद अपनी प्रतिक्रिया भी भेज रहे हैं। सबके नाम का उल्लेख करना संभव नहीं है, लेकिन मेरे पास सबके सुझाव और पूरी जानकारी पहुंच रही है।


पुरूष उद्घोषक द्वारा
प्रश्न- मुख्यमंत्री जी आपने ‘हमर छत्तीसगढ़’ योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके पीछे क्या भावना है?


उत्तर-मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • उत्तर - एखर जवाब मं स्व. नरेन्द्र देव वर्मा जी के गीत ला में ह दोहराना चाहतथौं। जेन छत्तीसगढ़ के जन-जन के गीत हवय। छत्तीसगढ़ महतारी के छत्तीसगढ़ के समृद्धि के अऊ छत्तीसगढ़ के एकता ला एक सूत्र में बांधे बर ये गीत पूरा छत्तीसगढ़ के जन गीत हवय।

            ‘‘अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
            इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां
            महूं विनती करव तोर भुँइया
            जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया’’

 

  • हमर बर छत्तीसगढ़ जमीन के टुकड़ा या नदी पहाड़ नई हे, बल्कि छत्तीसगढ़ महतारी हे। हमन ईब से इन्द्रावती तक के रहवैया एक परिवार हन। एकर कोरा ले जन्मे लइका हन। एकर माटी मं खेल के हमन बड़े होये हन।
  •  छत्तीसगढ़ महतारी के गीत ल सुनथन त हम सब ला छत्तीसगढ़ के तरक्की के विकास के अउ ओला हिन्दुस्तान मं दुनिया मं सब ले बेहतर राज्य बनाये के कल्पना ला साकार करें के भावना मिलथे।
  • थोड़-थोड़ दूरिहा म भले हमर बोली-भाषा, खान-पान, रीति-रिवाज अउ संस्कृति बदलथे। लेकिन हमर सोच-बिचार एक हे, भावना एक हे।
  • ‘हमर छत्तीसगढ़’ योजना के माध्यम ले हमन इही भावना ल छत्तीसगढ़ के 1 लाख 50 हजार से ज्यादा जनप्रतिनिधि मन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास, छत्तीसगढ़ के निर्माण के बाद सन् 2000 से 2016 तक जोन तरक्की होये हवय। ओखर से छत्तीसगढ़ के आत्मविश्वास बाढ़े हावय।
  • छत्तीसगढ़ के विकास के भावना ला हम जन-जन से जोड़ के जन भावनात्मक लगाव से ओला जोड़ के हमर छत्तीसगढ़ योजना के काम ल पूरा करना हवय।  
  • राजधानी, राज्य के धड़कन होथे। नया रायपुर इही धड़कन हे, जेला सबके दिल म धड़काना हे।
  • एकर सेती, प्रदेशभर के 20 हजार गांव के मनखे आने वाला जतका भी हमर पंच, सरपंच, जनपद जिला के सदस्य या नगर पालिका, नगर पंचायत के पार्षद हवय ओ सब नवा रायपुर मं आही अपन-अपन क्षेत्र के मिट्टी अउ पानी ला के यहॉ वृक्षारोपण के काम करही ताकि 20 हजार गांव के फूल, पेड़ अउ 20 हजार गांव के मिट्टी एक छत्तीसगढ़ ल एक गुलदस्ता जैसे सजाना हे। जेखर खुशबू से छत्तीसगढ़ आगे बढ़कर महमाही। अउ छत्तीसगढ़ के विकास आगे बढ़ही।
  • ऐ हमर छत्तीसगढ़ के मूल भावना हवय कि सब एक साथ मिल के 20 हजार गांव के आशीर्वाद छत्तीसगढ़ ल मिलय, नया रायपुर ल मिलय विकास के नया संकल्प ले के अवइयां ढाई साल के कार्ययोजना और ओखर क्रियान्वयन के बात ल ओखर मन के साथ करना हवयं। जेन पेड़ लगाही आने वाला पीढ़ी ओ पेड़ ल देख के आने वाला समय में लइका मन ओखर नाती-पोता मन के मया भी छत्तीसगढ़ ले जुड़ही।
  • छत्तीसगढ़ के विकास मं जेन तस्वीर हमन बनाये हवन ओला गांव-गांव तक पहुंचाये के योजना हमर छत्तीसगढ़ योजना हवयं।
  • एक ठन अउ जरूरी बात हे, हमर सियान, भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अउ हमर राज्य के जनमदाता अटल बिहारी वाजपेयी जी जब राज्य के निर्माण सन् 2000 में करे रहिस ओ दिन ओखर कल्पना अउ सपना रहिस कि हमर ढाई करोड़ छत्तीसगढ़ वाला मन के अलग पहचान बने।
  • छत्तीसगढ़ के पहचान ल बनाये बर 16 साल मं हमन कतेक सफल होये हन, आगे अउ कतका विकास करना हे ए बात के कल्पना अउ चर्चा हमर छत्तीसगढ़ योजना मं हमन ला करना है। अउ एखर बर हमर गांव-गांव के जनप्रतिनिधि मन ला बुला के छत्तीसगढ़ के विकास यहां के उद्योग, सब्बो कल कारखाना, भिलाई स्टील प्लांट, रायपुर मं हमर कृषि महाविद्यालय और छत्तीसगढ़ के विकास के जेन अउ केन्द्र हवय ओ सब्बो ला दिखाये के योजना हवय।
  • जेमा हमर बलरामपुर से बीजापुर तक के सभी जनप्रतिनिधि रायपुर मं पहुंचही अउ पूरा छत्तीसगढ़ के प्रवास के बाद छत्तीसगढ़ के विकास के कल्पना ल कईसे हमन साकार करथन ओखरों सुझाव हम सब ला मिलही। हम एक नवा छत्तीसगढ़ अउ विकसित छत्तीसगढ़ कल्पना ल साकार कर पाबो।


महिला उद्घोषक द्वारा

  • सीएम साहब, मानसून की आहट सुनाई देने लगी है। बारिश का इंतजार हम सबको तो है ही लेकिन इसका सबसे ज्यादा इंतजार किसान भाइयों को रहता है। इस खुशनुमा मौसम के बारे में आप क्या संदेश देना चाहेंगे?


मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • जी हां। बहुत खुशी की बात है कि इस बार अच्छे मानसून की भविष्यवाणी हुई है। यह बारिश सबके लिए खुशियों की बरसात हो, हम सबके किसानो के घर में खुशहाली आये उनके खेत-खलिहान भरे रहें। इन सब के लिए मैं किसान भाईयों को अग्रिम शुभकामनायें देता हूॅ।
  • जहां तक किसान भाइयों का सवाल है तो उनका जीवन ही मानसून की सफलता पर निर्भर है। मैं चाहता हूं कि सभी किसान भाई-बहन नई फसल की तैयारी अच्छे से कर लें। हमने हर सोसायटी में खाद-बीज-दवा के पर्याप्त भण्डारण की व्यवस्था की है। किसान भाई अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त खाद-बीज-दवा उठा ले। एक महत्वपूर्ण बात बताता हूं कि एक महीने पहले से उठाव करने पर आपको ब्याज नहीं लगेगा।
  • सूखा प्रभावित तहसीलों में हर किसान को एक क्ंिवटल धान-बीज निःशुल्क देने की योजना चलाई है। उसका उपयोग भली-भांति करें। मैं चाहूंगा कि नई फसल बहुत अच्छी आए और आपके जीवन में खुशियां लाए।
  • जहां तक बारिश से आने वाली आपदा का सवाल है, तो इसके लिए हमने न सिर्फ प्रशासन को सचेत किया है, बल्कि सभी जिलों के लिए 84 करोड़ रू. की राशि अग्रिम तौर पर उपलब्ध करा दी है और जिला कलेक्टरों को इस राशि के समुचित उपयोग के लिए भी निर्देशित कर दिया है।
  • मैं स्वयं डॉक्टर हूं, इसलिए सेहत का ध्यान रखने की हिदायत जरूर देता हूं।
  • बारिश में मच्छर, कीड़े और सांप काटने की घटनाएं भी बढ़ती हैं। अतः मच्छरदानी लगाकर सोने की आदत डालें। सर्पदंश जैसी स्थिति में बैगा-गुनिया, झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़कर स्वास्थ्य केन्द्रों में जाएं और वहां ‘एन्टी स्नेक वेनम’ इंजेक्शन लगवाएं। सही उपचार कराएं।

उद्घोषक द्वारा

  • सीएम साहब, पिछले हफ्ते हमने ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाया है। सच में धरती को जीने लायक बनाना तो हमारी ही जिम्मेदारी है। विकास के साथ प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण का संरक्षण हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री जी आप क्या आव्हान करना चाहेंगे?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • मुझे खुशी है, कि छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगो में अद्भुत जागृति आयी है। गांव-गांव में इसके लिए अभियान चल रहे है। मैं एक उदाहरण देना चाहूंगा मांढर बस्ती के शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल के बच्चों की तारीफ करना चाहूंगा कि उन्होंने अपने स्कूल में ‘हरियर छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत 1100 पौधे लगाए थे और हर बच्चे ने एक-एक पौधे को बचाने की जिम्मेदारी ली। गांव के लोगों को भी इसमें शामिल किया और सबने मिलकर हर पौधे को जिन्दा रखा। आज यह स्कूल ग्रीन कैम्पस बन गया है। स्कूल की प्राचार्या सरिता नासरे की बड़ी अच्छी भूमिका थी। यह परिणाम है कि अच्छी प्रेरणा से कैसे आप बच्चों को अच्छे संस्कार दे सकते  हैं। उन्हें पर्यावरण के अभियान से कैसे जोड़ लेते हैं और कैसे उन्हें जीवनभर के लिए एक खूबसूरत आदत का उपहार देते हैं।
  • इसी प्रकार एक और अच्छा प्रयास भारत माता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिलासपुर के ईको क्लब के बच्चे मुझसे मिलने आए थे। इन बच्चों ने जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए अद्भुत काम किया है ।
  •  जब मैं दूरस्थ अंचल रायगढ़ और जशपुर जिले के दौरे में था तो मुझसे मिलने बच्चे आये उन्होंने स्वंय सोख्ता गढ्ढा बनाया। अभी तक इन बच्चों ने 100 से ज्यादा स्कूलों में जाकर न सिर्फ सोख्ता गढ़ढा बनाया है, बल्कि ये बच्चे मिलकर वहां के नागरिकों को शहर के लोगो को इस अभियान से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
  • एक प्रकार से प्रशिक्षण देने का काम भी करते है। इनके द्वारा प्रस्तुतिकरण भी दिया जाता है। चित्र के माध्यम से दिखाते है। इस प्रकार यदि बच्चों का समूह 50 गांव घूम सकता हैं तो हम सब मिलकर पर्यावरण की रक्षा के लिए, जल संरक्षण और जल संवर्द्धन के लिए बच्चों से प्रेरणा ले जो आज भविष्य के लिए बेहतर कार्य योजना का क्रियान्वयन  और काम कर रहे है, मैं उनकी तारीफ करूंगा।
  • हमारे कुछ ग्रामीण बंधुओं ने भी अपनी योजना को आगे बढ़ाने का काम किया है। गांवों में कुंआ खोदकर 45 हजार से अधिक नये छोटे तालाब खोदकर, झिरिया खोदकर बारिश के पानी को बचाने का प्रयास किया है, और पूरे गांव को पानी और हरियाली की सौगात दे रहे हैं। ये खबरें हमारा उत्साह बढ़ाती है।
  • हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘एक व्यक्ति, एक पेड़’ का आव्हान किया था। मुझे यह कहते हुए खुशी है कि छत्तीसगढ़ ने एक  व्यक्ति के पीछे तीन पेड़ लगाने का संकल्प लिया है। इसके लिए ‘हरियर छत्तीसगढ़’ और ‘पानी बचाओ अभियान चलाया जा रहा है।
  •  इस प्रकार प्रदूषण मुक्त बेहतर छत्तीसगढ़ की कल्पना को साकार करने के लिए 2 वर्षों की वृहत कार्य योजना हमने लागू की है।
  • मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को स्वच्छ, स्वस्थ, प्रदूषण मुक्त और हरा-भरा राज्य बनाने में सफल होंगे।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • डॉ. रमन सिंह जी, खबर आई थी कि छत्तीसगढ़ ‘उज्ज्वला योजना’ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। क्या यह योजना महिलाओं के लिए है? और अगर है तो इससे  उन्हें क्या लाभ होगा?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • आपको यह सुनकर आश्चर्य होगा कि हिन्दुस्तान में, हर वर्ष में 5 लाख हमारी माताओं-बहनों की मृत्यु सिर्फ इस वजह से हो जाती है कि खाना पकाते समय जो धुएं से प्रदूषण होता है, उससे उन्हें अस्थमा, टी.बी. जैसे अन्य बीमारियां होती है।
     
  • एक तथ्य मैं आपको बताना चाहूंगा कि एक समय का खाना बनाते समय हमारी माताओं-बहनों को जितना धुआं निगलना पड़ता है, वह करीब 400 सिगरेट के धुएं के बराबर होता है।
     
  • यह विडंबना है कि आजाद भारत के साढ़े छह दशक बाद भी महिलाओं को ऐसी बुनियादी समस्याओं से छुटकारा नहीं मिला।
     
  • आज भी करोड़ों महिलाएं परम्परागत तरीके से रसोई में चूल्हा, सिगड़ी आदि का उपयोग करने को विवश हैं, जिसमें लकड़ी, कंडा या कोयला ईंधन के रूप में जलाया जाता है, जिसके धुएं से आंखों में जलन होती हैं और श्वास की बीमारी होती है।
     
  •  हमारे संवेदनशील प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने माताओं-बहनों की तकलीफ दूर करने के लिए ‘उज्ज्वला योजना’ लागू की है।
     
  • इसके अलावा मुझे लगता है, कि हम जब अपने बचपन को याद करते है और उन दिनों को याद करते है जब हमारे घर की मातायें, बहने लकड़ी जलाकर और उसे फूंक-फूंक कर कितने कष्ट में खाना पकाती थीं। मुझे लगा कि आज यह अवसर है कि हम पूरे प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को इस त्रासदी से मुक्त करा सकते हैं, और छत्तीसगढ़ में इस योजना का क्रियान्वयन हम व्यापक स्तर पर कर रहे है।
     
  • अगले 2 वर्षों के भीतर राज्य के 25 लाख गरीब परिवारों की महिलाओं को उनके नाम पर रसोई गैस कनेक्शन देगें, और ये रसोई गैस कनेक्शन 3 हजार, 4 हजार, 5 हजार रूपये में नहीं छत्तीसगढ़ सरकार उनको डबल बर्नर का चूल्हा और एक गैस का सिलेंडर मात्र 200 रूपये मंे प्रदान करेगी।
     
  • इस योजना से हम उम्मीद करते है, कि हर साल एक करोड़ वृक्ष काटने से बचेंगे, और एक प्रकार से हमारी माताओं और बहनों को खाना बनाने की सुविधा होगी और विभिन्न बीमारियों से हम उनको बचा सकते है।
  • इतनी संवेदनशील ‘उज्ज्वला योजना’ के लिए मैं एक बार फिर माननीय मोदी जी के प्रति छत्तीसगढ़ की सभी माताओं, बहनों की ओर से आभार व्यक्त करता हूॅ।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • मुख्यमंत्री जी दुनिया में भारतीय योग के पुरातन ज्ञान का लोहा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी की पहल से 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाने लगा है। क्या छत्तीसगढ़ भी इसके लिए तैयार है?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • मोदी जी ने योग के प्रचार-प्रसार के लिए विश्वस्तरीय अभियान छेड़ा, जिसके कारण यूएनओ ने दुनिया के सभी देशों ने सहमति दी की 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जायेगा।
  • इस तरह से हमारे पारंपरिक ज्ञान, हमारी संस्कृति, हमारी चेतना की दुनिया में जीत दर्ज हुई है। आज दुनिया के कई देश योग को अपनी जीवनशैली में शामिल कर रहे हैं।
  • वास्तव में योग स्वस्थ और प्रसन्नचित रहने की कला है।
  •  मैं आप सबसे कहना चाहता हूॅ कि आप कितना भी व्यस्त हों, दिन में कम से कम 20-30 मिनट योग-अभ्यास के लिए जरूर निकालें। इस तरह से आप न केवल स्वस्थ, ऊर्जावान और तेजस्वी रहेंगे, बल्कि आपकी निखरी हुई प्रतिभा के चमत्कार से आपके परिवार, समाज, प्रदेश और देश को भी लाभ होगा। मैं आपसे निवेदन करता हूॅ कि 21 जून को योग के इस महाअभियान में जुड़े और अपने नजदीक के स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों में और अलग-अलग एन.जी.ओ. जो इस कार्य में जुड़े हुए हैं, उनके साथ मिलकर इस राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महाअभियान में अपनी भागीदारी जरूर निभाएं।
  • इस माह कबीर जयंती, छत्रसाल जयंती, महाराणा प्रताप जयंती, वीरांगना दुर्गावती का बलिदान दिवस भी है। मैं सभी को नमन करता हूं और चाहता हूं कि हम सब उनसे प्रेरणा लेकर अपना जीवन सार्थक बनाएं।
  • अगले प्रसारण में आप लोगो के साथ कुछ नये विषयों पर चर्चा करूंगा तब तक के लिए जय जोहार ! जय हिन्द !  जय छत्तीसगढ़ !

पुरूष उद्घोषक द्वारा

 

  • श्रोताओं, अब मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी से हमारी अगली मुलाकात होगी... 10 जुलाई को।
  • श्रोताओं, आप काफी रूचि लेकर यह कार्यक्रम सुनते हैं। इसके माध्यम से बहुत सी रोचक और महत्वपूर्ण जानकारियां आपको मिलती हैं, जिसे लेकर एक रोचक शुरुआत ‘क्विज़’ के माध्यम से की गई थी।

प्रथम क्विज़ का सवाल था-
    ॰ जनऔषधि केन्द्र से कौन सी दवा मिलेगी?
संभावित जवाब थे-
    A. जेनेरिक        B.ब्रांडेड
    इसका सही जवाब है- A. जेनेरिक
 बहुत खुशी की बात है कि बड़ी संख्या में लोगों ने जवाब भेजे हैं और उसमें से लगभग शत-प्रतिशत लोगों ने सही जवाब भेजा है। सबसे पहले जिन 5 लोगों ने जवाब भेजे हैं, वे हैं- 1. भूपेन्द्र वर्मा, जिला बलौदाबाजार, 2. रितेश साहू, जिला राजनांदगांव, 3. गुरजीत कौर भाटिया,, जिला दुर्ग, 4. शिमेन्द्र कुमार सिंह, बलरामपुर  और 5. राजेश प्रधान, जिला रायगढ़।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • अब समय है आज के, अर्थात् द्वितीय क्विज़ के सवाल का-

    सवाल है- 21 जून को दुनिया किस दिवस के रूप में मना रही है?
     A. विश्व शांति दिवस         B.विश्व योग दिवस
    अपना जवाब देने के लिए अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में QA लिखें और स्पेस देकर A या B जो भी आपको सही लगे, वह एक अक्षर लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेज दें। साथ में अपना नाम-पता अवश्य लिखें।

  • आप सब रमन के गोठ सुनते रहिए और अपनी प्रतिक्रिया से हमें अवगत कराते रहिए।